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गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर लगाया अभद्र व्यवहार का आरोप


श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने पुलिस प्रशासन के ऑफिसर्स पर दुर्व्यवहार और धमकाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने तीन दिन के भीतर संबंधित अधिकारियों का तबादला करने और 24 घंटे के अंदर वार्ता में शामिल प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों से व्यक्तिगत और लिखित रूप में माफी मांगे जाने की मांग की है। मांगों पर अमल नहीं होने पर नियंता बोर्ड, डीएसडब्ल्यू बोर्ड और छात्रावास अधीक्षक बोर्ड अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे। अगले चरण में विवि के शिक्षक खुद को शैक्षणिक कार्यों से अलग कर लेंगे।
गढ़वाल विवि में विभिन्न छात्र संगठन विभिन्न मांगों के लिए आंदोलनरत हैं। इस सम्बन्ध में एसडीएम कार्यालय में विवि के डीएसडब्लू व नियंता बोर्ड के साथ एसडीएम व सीओ की 26 अगस्त को बैठक आहुत की गई थी। गढ़वाल विवि टीचर्स वैलफेयर सोसाइटी (टीएसडब्ल्यू) का कहना है कि विवि के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, मुख्य नियंता और मुख्य छात्रावास अधीक्षक की ओर से संयुक्त रूप से दिए गए पत्र में एसडीएम और सीओ द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार की शिकायत की गई। इस बैठक में विवि की ओर से डीएसडब्लू, मुख्य नियंता, मुख्य छात्रावास अधीक्षक, वित्त अधिकारी व उप कुलसचिव कानून शामिल थे। बैठक में एसडीएम स्वयं 40-45 मिनट की देरी से आईं और मामले पर चर्चा करने के बजाय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने लगी। डीएसडब्लू द्वारा उन्हें छात्रों के मुद्दों पर विवि द्वारा की गई प्रगति के बारे में बताया जा रहा था। इसी दौरान जब उनसे विवि के छात्रों को 5 प्रतिशत वेटेज का आदेश लिखित में देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने अचानक डीएसडब्लू को बैठक से बाहर जाने के लिए कहा और उन्हें आईपीसी की धारा 307 के तहत अदालत में मुकदमा चलाने की धमकी दी। कहा सीओ ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मैं छात्रों को विवि परिसर में धरने से नहीं रोकूंगा, मैं केवल तभी कार्रवाई करूंगा जब उनके द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम और सीओ ने विवि प्रतिनिधिमंडल के वेतन के संबंध में व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि आपको इतना अधिक वेतन मिलता है और आप इसके बदले में क्या करते हैं।
बैठक के बाद उन्होंने कुलपति को पत्र भेजते इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि यह न केवल विवि के डीएसडब्लू, मुख्य नियंता और मुख्य छात्रावास अधीक्षक का अपमान है, बल्कि कुलपति के साथ-साथ विश्वविद्यालय के पूरे शिक्षक समुदाय का भी अपमान है। क्योंकि प्रतिनिधिमंडल कोवीसी द्वारा भेजा गया था। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को भी ज्ञापन भेजा है।
बैठक में श्टीएसडब्ल्यू के अध्यक्ष प्रो. एमएस रावत, सचिव प्रो आरएस फर्त्याल l, उपाध्यक्ष डा. विनीत मौर्य, सहसचिव डा.आलोक सागर गौतम, कोषाध्यक्ष डा.दीपक कुमार राणा, प्रो. एमएस नेगी, प्रो. बीपी नैथानी, प्रो. दीपक कुमार, प्रो. मंजुला राणा, प्रो. आरके मैखुरी, प्रो. आरसी डिमरी, डा. वीपी पुरोहित आदि मौजूद रहे।
इधर, एसडीएम श्रीनगर नुपुर वर्मा एवं सीओ रविंद्र चमोली ने शिक्षकों के आरोप खारिज किए हैं l। उन्होंने कहा कि विवि व छात्रों के उपजी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की मध्यस्थता में आंदोलित छात्रों व विवि प्रशासन की बैठक आहुत की गई थी। जिससे छात्रों की समस्या का समाधान हो सके और कई दिनों से बना गतिरोध समाप्त हो सके। एसडीएम ने कहा कि इस मामले को जबरन डायवर्ट किया जा रहा है। 

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