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आबकारी को लेकर ‘डेनिस वाले बाबा’ बोल रहे हैं तो बात में कुछ तो दम होगा!

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उत्तराखंड के इतिहास में कुछ बातें ऐसी हुई हैं, जो लोगो की जुबान पर हैं। डेनिस शब्द भी कुछ ऐसा ही है। इस डेनिस शब्द को लोकप्रिय बनाने में कांग्रेस के शासनकाल में मुख्यमंत्री रहे हरीश रावत का योगदान कभी भी न भुलाया जाने वाला है। डेनिस को हरीश रावत ने, हरीश रावत को डेनिस ने खूब शोहरत बख्शी। शराब के ब्रांड को विशिष्ठ बनाकर ठेके – ठेके तक पहुंचाने वाले हरीश रावत ने मौजूदा सरकार पर आबकारी को लेकर कुछ खुलासा किया है। डेनिस वाले बाबा हरदा यदि आबकारी विभाग को लेकर ‘ कुछ ‘ कह रहे हैं तो बात में दम तो होगा ही। हरीश रावत का कहना है कि मौजूदा ‘ कुर्सी वाले’ ने अपने चहेतों को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के लिए नये आयुक्त की तैनाती की गयी है।

दरअसल, आबकारी विभाग में सचिव की जिम्मेदारी हरिश्चंद्र सेमवाल को पास है। दो दिन पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें आबकारी आयुक्त की जिम्मेदारी भी सौंप दी। यह पद आईएएस नितिन भदौरिया के पास था। सचिव को ही आयुक्त की जिम्मेदारी दिये जाने के बाद कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम हरीश रावत ने सवाल खड़ा किया था। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया था कि आचार संहिता से पहले धामी सरकार तबादले-पोस्टिंग और नयी तैनाती के नाम पर खेल कर रही है। ताबड़तोड़ प्रमोशन दिये जा रहे हैं और मनमाफिक पोस्टिंग दी जा रही है। उन्होंने लिखा था कि पोस्टिंग के लिए अंतिम समय तक सौदेबाजी हो रही है। 9 जनवरी को हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए एक और धमाका किया।

आबकारी आयुक्त की नई तैनाती पर सवाल खड़ा कर चुके हरीश रावत ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि ‘अब रहस्य समझ में आया कि क्यों आबकारी कमिश्नर को हटाया गया? आबकारी कमिश्नर यदि रहते तो सरकार एक ऐसा शासनादेश जिसमें करोड़ों रुपए का खेल हुआ है, नहीं कर पाती। वह शासनादेश आचार संहिता लागू होने के बाद किया गया है, आबकारी विभाग में किया गया है, जिसके जरिए उच्च स्पेसिफाइड मदिरा के विक्रय के लिए कई नियमों को शिथिल किया गया है। हरीश रावत ने लिखा है कि इस आदेश के जरिये अपने लोगों को उपकृत किया गया है और सरकार भी उपकृत हुई है।

 

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