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रंग में भंग : बीजेपी विधायक चौधरी से ग्रामीणों की तनातनी, पोस्टर फाड़े_नारेबाजी की


#विधानसभा_चुनाव ज्यों ज्यों नजदीक आ रहे हैं नेताओं का टेंशन बढ़ रहा है तो जनता का पेशेंस खत्म हो रहा है। रुद्रप्रयाग के विधायक भरत चौधरी के साथ हुए वाकये से इस टेंशन-पेशेंस के मामले को समझा जा सकता है। जनता ने 4 सालों में किए का हिसाब मांगा तो #विधायक जी टेंशन में आ गए और मामला गड़बड़ा गया। जनता और विधायक के बीच तनातनी हो गई। हंगामा हो गया। विधायक ने भी चुनावी टेंशन में ‘कुछ’बोल दिया तो पेशेंस खोकर जनता ने विधायक के पोस्टर फाड़ डाले। ‘खराबवाली’ नारेबाजी भी की।
‘बताने वालों’ ने बताया कि #रुद्रप्रयाग जिले के गांव जसोली गांव में नव युवक मंगल दल ने हरियाली खेल महोत्सव का आयोजन किया था। यह जसोली गांव विधायक जी के अपने पैदायशी गांव के क्षेत्र में ही पड़ता है। आयोजन में विधायक भरत चौधरी को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था। विधायक ने आयोजन के लिए एक लाख रुपए भी दिए हुए थे। कार्यक्रम के दौरान ग्वाड गांव के पूर्व प्रधान रतन सिंह के साथ ग्रामीणों का दल पहुंचा। बस, अच्छे खासे कार्यक्रम के रंग में भंग पड़ गया।
ग्वाड़ के ग्रामीणों ने जीआईसी-चमकोट की सवा किलोमीटर की सड़क के निर्माण को लेकर विधायक से सवाल किया। कहा कि चार साल से अधिक बीत गया, पर सड़क नहीं बनी। अचानक से पूर्व प्रधान और विधायक के बीच गहमागहमी हो गई। बताया जा रहा है कि विधायक ने पूर्व प्रधान को जेल में डालने की धमकी दे डाली। साथ ही कह दिया कि इस सड़क का निर्माण कभी नहीं होगा और वह इस सड़क का निर्माण होने नहीं देंगे। जिसके बाद विधायक वहां से चले गए।
बस सड़क की उम्मीद लगाए जनता ने भी पेशेंस खो दिया और महोत्सव में लगे विधायक के पोस्टर फाड़ डाले। बहरहाल विधायक जी ने कहा है कि उन्होंने किसी को धमकी नहीं दी। उन्होंने अपने चार सालों के विकास कार्यों की फेहरिस्त गिनाई। उधर, कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप थपलियाल ने भी इस मामले में विधायक से सवाल किया है कि जनता तो अपने जन प्रतिनिधि से हिसाब किताब तो लेगी ही, पर उन्होंने जवाब क्यों नहीं दिया। खैर, लोकल पालिटिक्स का मामला है, खबर पढ़िए northern reporter के 🔔को दबाइए, पेशेंस रखिए और टेंशन मुक्त रहिए।

जिस सड़क की मांग के लिए ग्रामीण उनके पास गये थे, वह ग्वाड़ के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण सड़क है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जबकि आंगनबाड़ी केंद्र तक बच्चों को ले जाने में भारी दिक्कतें होती हैं। लंबे समय से इस सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक मार्ग का निर्माण कार्य नहीं हो सका है। किसी जन प्रतिनिधि से सवाल पूछना कोई गुनाह तो नहीं। विधायक ने जो किया कहा वह निंदनीय है। – प्रदीप थपलियाल, ब्लॉक प्रमुख जखोली/ पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष, रुद्रप्रयाग

मैंने किसी भी ग्रामीण को किसी भी प्रकार की धमकी नहीं दी है। सड़क को लेकर वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। एक पूर्व प्रधान है, जो काफी आपराधिक प्रवृत्ति का है, जिसके द्वारा एक एजेंडे के तहत बदतमीजी की जा रही थी। पूर्व प्रधान ने कई निर्माण कार्यो में गबन किया है, जिसको लेकर जेल में भेजने की बात कही गई। वे जसोली के विकास को लेकर हमेशा कटिबद्ध हैं। अभी तक 10 लाख रुपये राइंका चमकोट, 4 लाख पंचायत भवन, करीब 16 लाख धनराशि की सोलर लाइट और दो बार जसोली मेले में दो-दो लाख की धनराशि दे चुके हैं। जसोली गांव में 35 लाख की विधायक निधि दे चुके हैं। कुछ लोगों द्वारा जानबूझ कर उनकी इमेज खराब करने की कोशिश की जा रही है।
– #भरत_चौधरी, विधायक रुद्रप्रयाग

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