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उत्तराखंड में मूल निवास सन 1950 से लागू करने की मांग उठी, यूकेडी ने पुतला फूंका

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उत्तराखंड में मूल निवास को सन 1950 से लागू करने की मांग को लेकर आज उत्तराखंड क्रांति दल ने देहरादून में भाजपा सरकार का पुतला फूंका इस दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और उपस्थित जनसमूह को मूल निवास की जरूरत के विषय में संबोधित किया।

उत्तराखंड क्रांति दल के नेता शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड के साथ ही झारखंड तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी बने, वहां पर सन 1950 की कट ऑफ डेट से ही मूल निवास लागू किया गया है लेकिन उत्तराखंड में मूल निवास की कट ऑफ डेट 1985 लागू है। यूकेडी के केंद्रीय महामंत्री सुनील ध्यानी ने इस कट ऑफ डेट को 1950 से लागू करने की मांग की है।

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय महामंत्री किशन मेहता ने कहा कि मूल निवास को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल राज्य बनने की शुरुआत से ही संघर्ष कर रहा है और यह संघर्ष मूल निवास लागू होने तक जारी रहेगा।

उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष संजय डोभाल ने कहा कि मूल निवास के मुद्दे पर विधानसभा स्तर पर आंदोलन तेज किया जाएगा।उत्तराखंड क्रांति दल के संरक्षक केंद्र पाल सिंह तोपवाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे देश मे मूल निवास की एक ही कट ऑफ डेट होनी चाहिए।

उक्रांद के युवा मोर्चा अध्यक्ष राजेन्द्र बिष्ट ने कहा कि मूल निवास के मुद्दे पर राज्य वासियों के साथ राष्ट्रीय दलों ने छल किया है । राज्य के अवसर छिन रहे हैं।लोकायुक्त आंदोलन के संयोजक सुमन बडोनी ने कहा कि मूल निवास की डेट 1985 होने से माफिया हावी हो गया है।

इस अवसर पर केंद्रीय महामंत्री समीर मुंडेपी, जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा सुलोचना ईष्टवाल, युवा मोर्चा अध्यक्ष राजेन्द्र बिष्ट, सरोज रावत, वीरेंद्र रावत, योगी पंवार, प्रमोद डोभाल,धर्मवीर गुसाईं, सुमन बडोनी, परमानंद बलोदी,राजेंद्र गुसाईं, राजेश्वरी रावत, विपिन रावत, अनिल डोभाल,यतेंद्र कंसवाल, संजीव शर्मा, सागर पोखरियाल , सुमित बंगाल, नवीन चौधरी आदि दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे।

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