• Sat. Jun 22nd, 2024

आप लोग रायते से दूर रहिये, रायता मत फैलाइये,….तो क्या कोश्यारी चचा की ‘लकड़ीबाजी’ चलती रहेगी!


देहरादून: उत्तराखंड की सियासत के उस्ताद भगत सिंह कोश्यारी लौट आए हैं। उनकी फितरत को जाननेवाले मानते हैं कि कोश्यारी कभी भी शांत नहीं रहते। इसलिए उन्हें लेकर तमाम कयासबाजी लगाने लगी हैं। लेकिन भगतदा के नाम से विख्यात
महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने साफ किया है कि वह सक्रिय राजनीति में नहीं आएंगे। यह अलग बात है कि उनकी बातों का सार निकाला जाए तो भगत दा ने समझ दारों को इशारों में जता भी दिया कि उनकी सियासी ‘लकड़ीबाजी’ गाहे बगाहे जारी रहेगी। भले ही ऐसे न हो, तो वैसे रहेगी।
महाराष्ट्र के राज्यपाल रहने के दौरान किए अपने बयानों से पार्टी के लिए संकट पैदा कर उत्तराखंड लौटे कोश्यारी को मोदी शाह की नाराजगी का बखूबी अंदाजा है। शायद इसीलिए बीजेपी का महागुणगान करने के बावजूद उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ कार्य करने के लिए किसी भी सियासी दल का सदस्य होना आवश्यक नहीं है। राज्य के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए जो भी पार्टी काम करेगी वह उसके साथ सहयोग करेंगे।
24फरवरी शुक्रवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून के प्रेस से मिलिये कार्यक्रम में पहुंचे महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल व उत्तराखंड के पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी ने भाजपा की सदस्यता के बारे में पूछे जाने पर कहा  जब मैं भाजपा का सदस्य नहीं था तब भी राष्ट्र निर्माण में निरंतर सहयोग करता था। कहा कि कोई भी अच्छा काम करेंगे मैं उनके साथ रहूंगा। यदि गलत काम करेंगे तो एक घंटा भी मौन नहीं रहूंगा। पत्रकारों से कहा कि आप लोग रायते से दूर रहिये, रायता मत फैलाइये।

महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद एक सप्ताह पूर्व वह देहरादून पहुंचे थे। उसके बाद से उनके आवास पर भाजपा नेताओं और धामी सरकार के मंत्रियों का आवागमन लगा हुआ है। इस कारण संभावना जताई जा रही थी कि कोश्यारी राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं। लेकिन, शुक्रवार को प्रेस क्लब में उन्होंने स्पष्ट कहा सक्रिय राजनीति से वह दो माह पूर्व ही दूर हो चुके हैं। कोश्यारी ने कहा कि पार्टी ने सांसद, विधायक और राज्यसभा सदस्य बनने का मौका दिया। सीएम बनाया। महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य का राज्यपाल बनाया। अब उन्हें कोई पद नहीं चाहिए। कहा कि अब मेरे लिए स्वस्थ समाज और स्वस्थ वातावरण ज्यादा महत्वपूर्ण है। कहा कि हम लिखने-पढ़ने वाले लोग हैं। पठन-पाठन-लिखन मार्गदर्शन हमारी विशिष्टता होनी चाहिए।

 

उत्तराखंड में पावर सेंटर बने रहने क इच्छा पर कोश्यारी ने कहा कि अगर पावर सेंटर ही बनना होता तो महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य के राज्यपाल का पद क्यों छोड़ते? कहा कि वैसे भी यहां पावर सेंटर बहुत हैं। भाजपा की सदस्यता के बारे में पूछे जाने पर पूर्व राज्यपाल कोश्यारी ने स्पष्ट किया कि जब मैं भाजपा का सदस्य नहीं था तब भी राष्ट्र निर्माण में निरंतर सहयोग करता था। कोई भी अच्छा काम करेंगे मैं उनके साथ रहूंगा। यदि गलत काम करेंगे तो एक घंटा भी मौन नहीं रहूंगा।

 

उद्धव को सज्जनता का मिला नुकसान :महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार के साथ अपनी तनातनी पर भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि उद्धव ठाकरे सीधे, सच्चे और सज्जन व्यक्ति हैं। यदि वह सज्जन न होते तो उनकी पार्टी नहीं टूटती। महाराष्ट्र में राज्यपाल पद पर रहते हुए उनके द्वारा दिये गये कुछ बयानों पर कहा कि मेरे से कहीं भी गलती होगी तो मैं छोटे बच्चे से भी माफी मांग लूंगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में मैंने कभी बुरा नहीं बोला। ऐसे व्यक्ति के बारे में कौन बुरा बोल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
नॉर्दर्न रिपोर्टर के लिए आवश्यकता है पूरे भारत के सभी जिलो से अनुभवी ब्यूरो चीफ, पत्रकार, कैमरामैन, विज्ञापन प्रतिनिधि की। आप संपर्क करे मो० न०:-7017605343,9837885385