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लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गयी सरकार को गिराने की कोशिश ना करे भाजपा : हरीश


उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवम पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत को शायद कोई शक है कि 2016 में जैसा उनके साथ किया गया था, वैसा ही पंजाब में भी हो सकता है। इसीलिए उन्होंने भाजपा को चेताया है कि वह पंजाब में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गयी सरकार को गिराने की कोशिश ना करे। उन्होंने कहा कि वहां मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में लगातार लोकप्रिय और लोकहित के फैसले लिए जा रहे हैं। यदि भाजपा ने ऐसा कोई प्रयास किया तो इसके नतीजे उसके खिलाफ जाएंगे।

गौरतलब है कि मार्च 2016 में हरीश रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे, तब बीजेपी ने कांग्रेस के एक गुट को विद्रोह कराकर उनकी सरकार को गिरा दिया था। तब हरीश कोर्ट से आदेश लेकर फिर से मुख्यमंत्री बने थे।

1 अक्टूबर शुक्रवार को देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में हरीश रावत ने पंजाब के मामले में कांग्रेस का रुख साफ किया। इसी दौरान उनसे सवाल पूछा गया कि भाजपा का कहना है कि हरीश रावत ने उत्तराखंड में कांग्रेस को खत्म करने के बाद पंजाब में भी ऐसा ही किया। इस सवाल का सीधा जवाब देने के बदले हरीश रावत ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि वह पंजाब सरकार गिराने का प्रयास ना करे। चरणजीत सिंह चन्नी ने 1200 करोड़ के व्यय भार से लोकहित के कई फैसले लिए हैं। इसमें बिजली बिल की माफी और जिसके कनेक्शन कट चुके हैं उन्हें रिस्टोर करना भी शामिल है। एक दो दिन में सीएम चन्नी कुछ और लोकप्रिय फैसले लेंगे। इसमें तीन सौ युनिट तक बिजली मुफ्त और रेत व बालू के खनन पर से सरकारी नियंत्रण खत्म करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इसलिए भाजपा कोरी कल्पना में ना जाए।

हरीश रावत ने कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह  बार-बार अपने अपमान की बात कहते हैं और भाजपा इस थ्योरी को आगे बढ़ाती है। हरीश ने कहा कि मैं खुद सीएम रहा हूं। पंजाब का प्रभारी भी हूं। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि कैप्टन का किसी भी स्तर पर कोई अपमान नहीं हुआ। जो कुछ भी किया गया वह उन्हें अपमानित होने से बचाने के लिए किया गया। पंजाब में कांग्रेस की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए लिए किया गया।

अकालियो के षड्यंत्र में शामिल हो गये हैं कैप्टन :हरीश रावत ने कहा कि तीन-तीन बार पंजाब जैसे प्रांत का प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने और दो दो बार मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद भी यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह का अपमान हुआ है तो सम्मान किसे कहते हैं, यह वही बतायें। हरीश रावत ने स्पष्ट कहा कि अपने साथी विधायकों के सवालों का जवाब नही दे पाने के कारण सवालों का जवाब नही दे पाने के कारण कैप्टन ने इस्तीफा दिया। हरीश ने यह भी कहा कि कैप्टन किसी दबाव में आकर अकालियो के षड्यंत्र में शामिल हो गये हैं और भाजपा का मुखौटा बन रहे हैं।

सिद्धू ने भावुकता में दिया इस्तीफा : नवजोत सिंह सिद्धू  प्रकरण पर हरीश रावत ने कहा कि भावुकता में कभी कभी लोग बहुत सारी बातें कर देते हैं। सिद्धू  की भावनाएं से हम अवगत हैं। ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे पंजाब में किसी भी भावनाएं आहत हो। उन्होंने कहा कि सिद्धू और मुख्यमंत्री की बातचीत आगे बढ़ी है। जल्द ही समाधान निकल आएगा।

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