दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू नए वाहन संबंधी नियमों का असर उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवाओं पर पड़ा है। निगम की करीब 200 बसें दिल्ली मार्ग पर संचालन के लिए प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए परिवहन निगम अब इस रूट पर 200 नई बीएस-6 श्रेणी की बसें उतारने की तैयारी कर रहा है। सरकार का प्रयास है कि अगले महीने तक खरीद प्रक्रिया पूरी कर बसों की आपूर्ति शुरू कर दी जाए। इसके साथ ही ई-टिकटिंग व्यवस्था को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी है।
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के अनुसार, दिल्ली मार्ग पर फिलहाल कुछ बसों का संचालन बंद कर उन्हें दूसरे रूटों पर भेजा गया है। इनकी जगह नई बीएस-6 बसें लगाई जाएंगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने या बसों की कमी होने पर अनुबंध के आधार पर अतिरिक्त बसें भी ली जा सकती हैं। जरूरत पड़ने पर वॉल्वो, मर्सिडीज समेत निजी बस संचालकों की सेवाएं लेने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
वॉल्वो बसों के फेरे भी बढ़ेंगे
दिल्ली-देहरादून मार्ग पर लग्जरी बसों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए वॉल्वो सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। शुरुआती चरण में छह वॉल्वो बसों के अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। यात्रियों का दबाव बढ़ने पर निगम की सभी 13 वॉल्वो बसों के फेरे बढ़ाकर करीब 26 अतिरिक्त सेवाएं शुरू करने की योजना है। वहीं, दिल्ली में प्रवेश के लिए प्रतिबंधित होने वाली वॉल्वो बसों को आगरा, लखनऊ, चंडीगढ़ और नेपाल सहित अन्य मार्गों पर लगाने की तैयारी है। निगम इन बसों का नवीनीकरण भी करा रहा है।
पर्वतीय क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए निगम छोटी बसें खरीदने और संचालित करने की योजना पर भी काम कर रहा है। पहाड़ों की संकरी सड़कों और तीखे मोड़ों को देखते हुए छोटी बसों को उपयुक्त माना जा रहा है। इनके संचालन से दूरस्थ गांवों और कस्बों तक परिवहन सुविधा पहुंचाने में मदद मिलेगी।
परिवहन निगम की ई-टिकटिंग व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए आधुनिक टिकट मशीनों की खरीद को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई मशीनों में उन्नत सॉफ्टवेयर होगा। टिकट जारी होते ही उसका विवरण सीधे निगम मुख्यालय तक पहुंच जाएगा। इससे अधिकारियों को बसों की वास्तविक समय की लोकेशन, रास्ते में ठहराव और डीजल भरवाने से जुड़ी जानकारी भी मिल सकेगी। नई व्यवस्था से टिकटिंग में पारदर्शिता बढ़ाने और राजस्व में होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
60 इलेक्ट्रिक बसें मिलीं, 130 और आने की उम्मीद
परिवहन मंत्री ने बताया कि निगम को 60 इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं। मुख्यमंत्री से समय मिलने के बाद इन बसों को हरी झंडी दिखाकर सड़कों पर उतारा जाएगा। इनका संचालन हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की में सिटी बस सेवा के रूप में किया जाएगा। इसके अलावा 130 और इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं। इससे शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।
हड़ताल का मामला सुलझा, त्योहारी सीजन में अतिरिक्त बसें
त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जा रही है। निगम प्रबंधन के अनुसार, कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठक में सहमति बनने के बाद हड़ताल का मुद्दा समाप्त हो गया है। अब प्रमुख मार्गों पर नियमित और सुचारू बस संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड परिवहन निगम की रोजाना करीब 934 बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित होती हैं। इनमें लगभग 400 बसें दिल्ली रूट पर चलती हैं। दिल्ली के नए नियमों से करीब 200 बसों का संचालन प्रभावित हुआ है, जिनमें 12 वॉल्वो बसें भी शामिल हैं।
