प्रदेश में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच बढ़ते अंतर के बावजूद दीपावली पर घरों और बाजारों की रोशनी फीकी नहीं पड़ेगी। ऊर्जा विभाग ने त्योहार के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों को दीपावली के दौरान किसी भी क्षेत्र में रोस्टिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य उपकरणों की मरम्मत व रखरखाव का काम त्योहार से पहले पूरा करने को कहा गया है।
दरअसल, प्रदेश में बिजली की मांग के अनुरूप उपलब्धता सुनिश्चित करना लगातार चुनौती बन रहा है। राज्य के अपने उत्पादन में कमी और केंद्रीय पूल से निर्धारित हिस्से की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। वहीं, खुले बाजार से बिजली खरीदने के लिए भी ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है। इसके बावजूद पीक आवर्स में जरूरत के मुताबिक बिजली मिलना आसान नहीं है।
शाम और रात में बढ़ेगी बिजली की मांग
दीपावली पर शाम से देर रात तक घरों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रोशनी के इंतजाम के चलते बिजली की खपत में तेजी से इजाफा होता है। सामान्य दिनों की तुलना में मांग बढ़ने के मद्देनजर विभाग अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने के साथ ही उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की रणनीति बना रहा है। कोशिश है कि अधिक मांग के समय भी आपूर्ति प्रभावित न हो।
त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति में बाधा न आए, इसके लिए तकनीकी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मरों से जुड़े मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य दीपावली से पहले पूरे किए जाएंगे। इसके अलावा ट्रांसफार्मरों और बिजली के खंभों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित कर्मचारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने बताया कि उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर विद्युत आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है। त्योहार के दौरान आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
