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इस्लामी दहशत फैलाने के लिए किया गया अमन भंडारी पर हमला!!


देहरादून: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीजीआर) के छात्र
अमन भंडारी पर 27 जुलाई की शाम को सरेआम जानलेवा हमले के मामले में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने तल्हा पुत्र तसवुर अली निवासी ब्राह्मणवाला देहरादून, सानिब उर्फ साहिल पुत्र शमीम निवासी ग्राम नारायणपुर रतन मंडावली बिजनौर यूपी, असद खान उर्फ आसू पुत्र आसिफ खान निवासी माजरा पटेलनगर देहरादून और अमन पुत्र नादिर खान निवासी आजाद कॉलोनी देहरादून को गिरफ्तार कर लिया है। पटेलनगर के कोतवाल सूर्य भूषण नेगी ने बताया कि हमले के मामले में की गिरफ्तारी की गई है। इस मामले में 15 से ज्यादा आरोपियों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और पेचकस भी बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से एक एसजीआरआर कॉलेज का ही पूर्व छात्र है। जबकि, एक अन्य बिजनौर का रहने वाला है।


इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ टिप्पणी करने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ेगी का संदेश देने के लिए मार डालना चाहते थे हमलावर :
कातिलाना हमला करने वाले आरोपी मुस्लिम युवक सरेराह अमन भंडारी की हत्या करके दहशत फैलाना चाहते थे। वे यह संदेश देने का प्रयास कर रहे थे कि इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ टिप्पणी करने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ेगी। हमलावर अमन को मृत जानकर और लोगों को जुटता देखकर फरार हो गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अभी तक यह जानकारियां सामने आई है। इस मामले में इंटेलिजेंस और दूसरी एजेंसियां जांच में जुटी हुई हैं।

पुलिस ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट इंटेलिजेंस एजेंसियों को सौंपी है। जब तक सभी आरोपी और उनके मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट्स को पूरी तरह खंगाला नहीं लिया जाता तब तक एजेंसियां सावधानी बरत रही हैं। जब्त दिए गए मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा चुका है। घटना की गंभीरता को देखते हुए शासन के उच्चाधिकारी भी लगातार इस मामले का फीडबैक ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला एनआईए और राष्ट्रीय एजेंसियों तक जा सकता है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, हमलावरों में शामिल बिजनौर के रहने वाले सानिब को खासतौर पर हमले के लिए बुलाया गया था। यह मामला यूपी से भी जुड़ गया है। इसलिए, इस पर एजेंसियों की विशेष नजर है।

अभी तक हुई जांच में यह बात भी सामने आई है कि अमन के हमलावर व्हाट्सएप चैट और फोन पर एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। किसकी क्या भूमिका होगी और कौन क्या हथियार लेकर आएगा, यह भी तय किया गया था। अमन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। बताया गया है कि जिस समय पुरोला में लव जेहाद का मामला गर्माया हुआ था। उसी दौरान अमन ने सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी की थी। अभी कोई भी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि ऐसी क्या टिप्पणी थी जिसकी वजह से अमन को जान से मारने की साजिश रची गई। हमले के दौरान के फोटो और वीडियो बनाए जाने की बात भी सामने आई है।
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यह है मामला : 27 जुलाई 20230 को सरस्वती विहार के रहने वाले एसजीआरआर विश्वविद्यालय के छात्र अमन भंडारी पर उस समय पेचकस, डंडों, सरियों और लोहे के अन्य हथियारों से हमला किया गया, जब वह कॉलेज से घर की तरफ जा रहा था। रास्ते में इंद्रेश हॉस्पिटल के पास अमन को रोका गया और ताबड़तोड़ जानलेवा हमला किया गया। अमन के सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि अल्ला-हू-अकबर के नारे भी हमले के दौरान लगाए गए थे। आसपास के लोगों ने बामुश्किल अमन को बचाया और हॉस्पिटल पहुंचा। इस घटना के बाद आक्रोशित हिंदू संगठनों के लोग भी एकत्र हो गए और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। अमन की बहन की शिकायत पर हत्या के प्रयास, बलवा सहित विभिन्न धाराओं में हमलावरों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। बताया गया कि अमन ने पिछले माह सोशल मीडिया में कोई कमेंट किया था। इसके बाद से मुस्लिम युवक हमले की फिराक में थे। उसे लगातार धमकी दे रहे थे। जबकि, अमन की गई पोस्ट को डिलीट कर माफी मांग चुका था।

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