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अलविदा जनरल खंडूड़ी: अंतिम यात्रा में भावुक पल, सीएम धामी ने दिया पार्थिव शरीर को कंधा, पुष्पचक्र किया अर्पित

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उत्तराखंड राज्य के दो बार मुख्यमंत्री रहे मेजर जनरल (सेनि) भुवन चंद्र खंडूड़ी का व्यक्तित्व और कृतित्व प्रेरणादायक रहा है। पहले 38 वर्षों तक देश सेवा और उसके बाद ढाई दशक तक जनसेवा के माध्यम से आम लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। उनकी सादगी, अनुशासन, स्पष्टवादिता और ईमानदारी ने उन्हें आम नेताओं से अलग पहचान दिलाई।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर ने पूरे प्रदेश को भावुक कर दिया। देहरादून स्थित आवास से निकली अंतिम यात्रा में लोगों की आंखें नम दिखीं। भाजपा प्रदेश कार्यालय में नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्थिव शरीर को कंधा देकर विदाई दी, जबकि उपराष्ट्रपति सहित कई दिग्गज नेताओं ने पुष्प चक्र अर्पित कर शोक व्यक्त किया।

 

वसंत विहार स्थित निजी आवास से सुबह 10 बजे स्व. खंडूड़ी की अंतिम यात्रा का प्रस्थान हुआ। सुबह 10:30 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में उनके अंतिम दर्शन किए गए। 11 बजे अंत्येष्टि के लिए हरिद्वार प्रस्थान किया। दोपहर 12 बजे खड़खड़ी में अंत्येष्टि हुई। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

खंडूड़ी के परिवार में पत्नी अरुणा खंडूड़ी, बेटी ऋतु भूषण खंडूड़ी और बेटा मनीष खंडूड़ी हैं। ऋतु खंडूड़ी इस समय उत्तराखंड की ही विधानसभा अध्यक्ष हैं। बेटे मनीष भी वर्तमान में भाजपा नेता हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलवीर रोड, देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नम आंखों से विदाई दी। मुख्यमंत्री ने पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम विदाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का संपूर्ण जीवन अनुशासन, सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने उत्तराखंड के विकास एवं जनसेवा में जो योगदान दिया, उसे यह प्रदेश सदैव याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, महामंत्री ( संगठन) अजेय कुमार, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, खजान दास, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनन भी उन्होंने श्रद्धांजलि देने आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश के विकास में उनका योगदान मील के पत्थर के रूप में बना रहेगा। उनके निधन से देश एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठ वाले राजनेता को खो दिया है।

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