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कर्ण प्रयाग तक चल सकती है हाइटेक बस, संयुक्त टीम ने की सिफारिश

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श्रीनगर। यदि परिस्थिति अनुकूल रही तो मैदानी क्षेत्रों में चलने वाली हाईटेक बस पहाड़ के सर्पिलों रास्ते में दौड़ती नजर आएगी। उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) 174व्हील बेस की हाइटेक बस का संचालन कर सकती है। यह बस ऋषिकेश से जोशीमठ तक चलाने की योजना है। इससे बद्रीनाथ धाम की यात्रा में आने वाले लोगों को मिलेगा। शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, सीमा सड़क संगठन, परिवहन विभाग व उत्तराखंड परिवहन निगम की संयुक्त टीम ने ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर इसके लिए ऋषिकेश से जोशीमठ तक संयुक्त निरीक्षण कर लिया है। टीम ने खामियों को दूर करने की शर्त के साथ फिलहाल कर्ण प्रयाग तक हाइटेक बसों के संचालन को स्वीकृति दे दी।
वर्तमान में पहाड़ में उत्तराखंड रोडवेज की सामान्य बस सेवाएं चलती हैं। चार धाम यात्रा को देखते हुए अब यहां वातानुकूलित हाईटेक बस चलाने का विचार है।
इसके लिए विगत 20जून को ऋषिकेश के नटराज चौक से जोशीमठ तक लगभग 246 किमी में 173.22 इंच की हिमाचल से लाई गई बस का ट्रायल लिया गया। निरीक्षण में 25 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें बस संचालन को लेकर दिक्कतें आई हैं। टीम ने जिनको दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी को सुझाव दिए। संयुक्त निरीक्षण टीम ने सकमियां दूर करने के बाद कर्णप्रयाग तक बस संचालन को उपयुक्त बताया।
ये हैं कमियां
निरीक्षण में तोताघाटी में क्रश बैरियर होने के कारण बस को मोड़ने में कठिनाई, देवप्रयाग में सार्वजनिक सुलभ शौचालय के पास डाट पुलिया व तीव्र मोड़ होने के कारण बस को मोड़ने में असुविधा, सिरोबगड़ में लैंड स्लाइड जोन होने के कारण मार्ग संकरा होने, कर्णप्रयाग पुल के बाद मार्ग के संकरा होने की वजह से बस की आवाजाही में समस्या है। वहीं कर्णप्रयाग से आगे हाईवे को बस के लिहाज से संकरा बताया है।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता बीएन द्विवेदी के अनुसार तोताघाटी, देवप्रयाग व सिरोबगड़ की समस्या का जल्दी समाधान हो जाएगा। लेकिन कर्णप्रयाग से आगे राजमार्ग चौड़ीकरण में समय लगेगा। जिसके चलते टीम ने कर्ण प्रयाग तक बस संचालन पर सहमति जताई है।

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