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31 पर हंगामा, जिम कॉर्बेट पार्क बंद के दौरान दो दर्जन आंदोलनकारी गिरफ्तार, तड़के भारी पुलिस बल ने की कार्रवाई

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रामनगर: बाघ के आतंक के खिलाफ कॉर्बेट नेशनल पार्क का झिरना और ढेला जोन बंद करने सावल्दे पुल पर पहुंचे दर्जनों आंदोलनकारियों को दो अलग अलग चरणों में मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स ने बल प्रयोग कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए लोगों को प्रशासनिक भवन स्थित तहसील ले जाया गया है। गिरफ्तारी के विरोध में उपपा नेता प्रभात ध्यानी ने आमरण अनशन की घोषणा करते हुए अनशन शुरू कर दिया। अनशन की घोषणा के बाद प्रशासन ने प्रभात ध्यानी की भी गिरफ्तारी कर ली है। जिससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

बाघ के हमले में मारे गए व्यक्ति के परिजनों को 25 लाख तथा घायलों को 10 लाख का मुआवजा दिए जाने के साथ ही उसका पूरा इलाज सरकारी खर्च पर कराए जाने, बाघ के आतंक से निजात दिलाए जाने, वन्य जीवों के हमले से ग्रामीणों फसलों और मवेशियों की सुरक्षा की मांग को लेकर दो महीने से चलाए जा रहे से आंदोलन के दौरान ग्रामीणों द्वारा दो बार झिरना और ढेला जोन पर सैलानियों की आवाजाही ठप्प करने के बाद कॉर्बेट प्रशासन ने ग्रामीणों को वार्ता का आश्वासन दिया था। लेकिन कॉर्बेट डायरेक्टर खुद वार्ता के समय उपलब्ध नहीं हो पाए थे। जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने कॉर्बेट मुख्यालय पर ही प्रदर्शन किया था।
ग्रामीणों के उग्र तेवर देखकर एक बार फिर उनसे प्रशासनिक स्तर पर वार्ता के प्रयास हुए। लेकिन एसडीएम और कॉर्बेट डायरेक्टर की मौजूदगी में भी वार्ता बेनतीजा समाप्त होने के बाद रविवार तड़के पांच बजे आंदोलनकारी सावल्दे धरना प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। जहां उनके स्वागत के लिए प्रशासन की ओर से भरी पुलिस बल, पीएसी मौजूद थी।

ग्रामीणों के धरना आरंभ करते ही प्रशासन ने बल प्रयोग करते हुए पांच महिलाओं सहित तेरह मुख्य आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी कर ली। सभी आंदोलनकारियों मुनीष कुमार, ललित उप्रेती, ललिता रावत, कौशल्या चुन्याल, रोहित रूहेला, सूरज सैनी, राजेंद्र सिंह, सोबन सिंह तड़ियाल, ललित पाण्डे, तुलसी छिमवाल, सरस्वती जोशी, तुलसी जोशी आदि को गिरफ्तार कर प्रशासनिक भवन स्थित तहसील कार्यालय ले जाया गया।

आंदोलनकारियों ने रणनीति के तहत लीडरशिप के कुछ लोगों को सुबह हुई गिरफ्तारी से बचा लिया। जिसके बाद बचे हुए लोगों ने दोपहर बारह बजे ग्रामीणों के साथ फिर सावल्दे ब्रिज पर अपना आंदोलन शुरू कर दिया। कफन आंदोलनकारियों की पुलिस के साथ तीखी नोंक झोंक हुई। आंदोलनकारियों के तेवर देखते हुए पुलिस ने 11 आंदोलनकारियों को फिर गिरफ्तार कर उन्हें तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंचा दिया।
देर शाम हिरासत में लिए सभी आंदोलनकारियों के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन का मुकदमा दर्ज सीआरपीसी की धारा 107/16 के तहत शांति भंग की कार्यवाही के बाद उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। दूसरी ओर आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के बाद उपपा नेता प्रभात ध्यानी ने गिरफ्तारी के विरोध में खराब स्वास्थ्य के बाद भी आमरण अनशन की घोषणा कर अनशन शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने प्रभात ध्यानी की भी गिरफ्तारी कर ली। सभी आंदोलनकारियों ने हिरासत में ही अनशन शुरू कर दिया।

उधर हिरासत में प्रभात ध्यानी का स्वास्थ्य लगातार खराब होने की आशंका के चलते एसडीएम के निर्देश पर मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। चिकित्सकों की टीम ने प्रभात को अस्पताल भर्ती करने की सलाह दी। जिसके बाद आंदोलनकारी साथियों के आग्रह पर ध्यानी ने स्वास्थ्य के मद्देनजर अपना अनशन समाप्त कर दिया।

गिरफ्तार आंदोलनकारियों में मुनीष कुमार, ललित उप्रेती, ललिता रावत, कौशल्या चुन्याल, रोहित रूहेला, सूरज सैनी, राजेंद्र सिंह, सोबन सिंह तड़ियाल, ललित पाण्डे, तुलसी छिमवाल, सरस्वती जोशी, तुलसी जोशी, प्रभात ध्यानी, राजेश सिंह, आनंद नेगी, महेश जोशी, संजय मेहता, आइसा के सुमित कुमार, कैसर राणा, अजय वोरा, कपिल शर्मा, भुवन चंद्र, मदन मेहता, मनमोहन अग्रवाल, गोविंद अधिकारी आदि शामिल हैं

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