खुले बाजार से बिजली लेने वाले (ओपन एक्सेस उपभोक्ता) उद्योगों पर यूपीसीएल 88 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त सरचार्ज लगाने की तैयारी में है। इसके लिए यूपीसीएल ने जो याचिका नियामक आयोग के समक्ष दायर की है, उसे स्वीकार करते हुए आयोग ने सात अगस्त तक सुझाव-आपत्तियां मांगी हैं।
यूपीसीएल ने यह याचिका विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 42(4) और यूईआरसी नियमावली 2015 के प्रावधानों के तहत दायर की है। यह सरचार्ज एक अक्तबूर 2026 से 31 मार्च 2027 की अवधि के लिए लागू करने का प्रस्ताव है। यूपीसीएल प्रबंधन का तर्क है कि ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं के बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदने के कारण निगम की अनुबंधित बिजली बेकार रह जाती है लेकिन उसका फिक्स्ड कॉस्ट (स्थिर लागत) भुगतान यूपीसीएल को करना पड़ता है। इस नुकसान की भरपाई के लिए यह अतिरिक्त सरचार्ज प्रस्तावित किया गया है।
यूपीसीएल ने अक्तबूर 2025 से मार्च 2026 के बीच छह प्रमुख पावर प्लांटों (दादरी गैस, ऊंचाहार, अंता, औरैया आदि) से 31.73 करोड़ यूनिट बिजली सरेंडर की। इस पर 37.91 करोड़ की स्थिर लागत वहन करनी पड़ी। उपभोक्ता स्तर पर औसत स्थिर लागत 1.04 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। इस अवधि में यूपीसीएल की अनुबंधित बिजली 32.49 करोड़ यूनिट रही जबकि ओपन एक्सेस के तहत 38.33 करोड़ यूनिट बिजली ली गई। इन्हीं गणनाओं के आधार पर यूपीसीएल ने 88 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त सरचार्ज की सिफारिश की है।
सात अगस्त तक दर्ज करा सकते हैं आपत्तियां
नियामक आयोग के सचिव नीरज सती की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, आम जनता और हितधारकों के लिए वेबसाइट, आयोग कार्यालय में याचिका की कॉपी उपलब्ध है। इस याचिका पर सात अगस्त तक अपनी राय, सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। आपत्तियां आयोग के कार्यालय विद्युत नियामक भवन, माजरा (देहरादून) में डाक या व्यक्तिगत रूप से या आधिकारिक ईमेल secy.uerc@gov.in पर भेजी जा सकती हैं।
